इस्लामाबाद, पाकिस्तान –
पाकिस्तान सरकार ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए आधिकारिक तौर पर नामांकित करने की सिफारिश की है। यह घोषणा शुक्रवार को एक सरकारी प्रवक्ता द्वारा की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई लोगों को आश्चर्य हुआ है
प्रवक्ता ने इस कदम के पीछे के कारणों का हवाला देते हुए कहा कि ट्रंप के प्रशासन ने विभिन्न वैश्विक संघर्षों को कम करने और कई देशों के बीच शांति समझौतों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। विशेष रूप से, प्रवक्ता ने मध्य पूर्व में हुए ‘अब्राहम समझौते’ (Abraham Accords) का उल्लेख किया, जिसे ट्रंप प्रशासन की एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि माना जाता है।
इस सिफारिश पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के कार्यकाल में की गई कूटनीतिक पहलें वास्तव में शांति की दिशा में एक कदम थीं, जबकि अन्य आलोचकों का तर्क है कि उनकी नीतियां अक्सर विभाजनकारी थीं और उन्होंने वैश्विक स्थिरता को नुकसान पहुंचाया।
नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन प्रक्रिया हर साल चलती है, और विभिन्न देशों के राजनेता, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सदस्य नामांकन कर सकते हैं। अंतिम विजेता का चुनाव नॉर्वेजियन नोबेल समिति द्वारा किया जाता है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान सरकार की यह सिफारिश नोबेल समिति द्वारा किस तरह से देखी जाती है और क्या यह ट्रंप के लिए पुरस्कार जीतने की संभावनाओं को बढ़ाती है।
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