नई दिल्ली: देश की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। राजधानी दिल्ली के सियासी गलियारों में इन दिनों मोदी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि रविवार या सोमवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। इस संभावित बदलाव में कई वरिष्ठ मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, कुछ चेहरों की विदाई हो सकती है और कई नए नेताओं को पहली बार मोदी कैबिनेट में जगह मिलने की चर्चा है।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इसके बाद से कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है।

शक्तिकांत दास को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
सबसे चर्चित नाम पूर्व RBI गवर्नर और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव शक्तिकांत दास का है। प्रशासनिक और आर्थिक मामलों में लंबे अनुभव के कारण उन्हें सीधे कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किए जाने की चर्चा है। यदि ऐसा होता है तो मोदी सरकार के आर्थिक फैसलों में उनकी भूमिका अहम मानी जाएगी।
निर्मला सीतारमण को मिल सकता है नया मंत्रालय
वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मानव संसाधन विकास (शिक्षा) मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। यदि यह बदलाव होता है तो वित्त मंत्रालय में भी नए चेहरे की एंट्री देखने को मिल सकती है।
इन दिग्गजों पर गिर सकती है गाज
राजनीतिक चर्चाओं में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी के नाम भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि दोनों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है। इसके अलावा ऊर्जा मंत्रालय में भी बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है, जहां मनोहर लाल खट्टर से पावर पोर्टफोलियो वापस लिया जा सकता है।
अनुराग ठाकुर की वापसी लगभग तय!
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की मोदी कैबिनेट में दमदार वापसी की चर्चा है। माना जा रहा है कि इस बार उन्हें पूर्ण कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है।
शिवसेना को मिल सकता है बड़ा इनाम
एनडीए को हाल ही में छह सांसदों का समर्थन मिलने के बाद शिवसेना के हिस्से में बड़ा राजनीतिक पुरस्कार आने की चर्चा है। सांसद श्रीकांत शिंदे को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
वहीं प्रतापराव जाधव से स्वास्थ्य राज्य मंत्री का प्रभार लेकर केवल आयुष मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने की भी चर्चा है।
अरुण गोविल को भी मिल सकती है जगह
मेरठ से सांसद और टीवी धारावाहिक रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अरुण गोविल का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा उन्हें बड़ा राजनीतिक चेहरा बना सकती है।
उत्तर प्रदेश पर रहेगा विशेष फोकस
अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की तैयारी में है। चर्चा है कि वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है, जबकि नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
बिहार और मध्य प्रदेश को भी मिल सकता है प्रतिनिधित्व
मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा को कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चा है। वहीं बिहार के महाराजगंज से सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल का नाम भी संभावित मंत्रियों में शामिल बताया जा रहा है।
पंजाब में नए राजनीतिक समीकरण
पंजाब में भाजपा आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नए राजनीतिक समीकरण बनाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। चर्चा है कि आम आदमी पार्टी छोड़कर आए नेताओं में राघव चड्ढा और अशोक मित्तल में से किसी एक को प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
इसी तरह केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू की जगह भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा भी जोरों पर है।
नीतीश कुमार को भी मिल सकता है बड़ा सम्मान
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का प्रभाव अब भी एनडीए में कायम है और उनकी पसंद को कैबिनेट विस्तार में महत्व मिल सकता है।
आधा दर्जन राज्य मंत्रियों की हो सकती है विदाई
बताया जा रहा है कि इस फेरबदल में करीब आधा दर्जन राज्य मंत्रियों की भी छुट्टी हो सकती है। इसके साथ ही कई नए सांसदों को पहली बार केंद्र सरकार में जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह पूरा बदलाव 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव, पंजाब चुनाव और एनडीए के राजनीतिक विस्तार को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
मानसून सत्र के बाद राज्यों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल?
दिल्ली के सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं और विभिन्न राजनीतिक सूत्रों के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कैबिनेट विस्तार या फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम निर्णय और मंत्रियों की सूची आधिकारिक ऐलान के बाद ही स्पष्ट होगी।