AHEAD 2025 – IIT Roorkee: स्वास्थ्य और विकास पर अंतरराष्ट्रीय मंथन, नीति और शोध के बीच बना सेतु
उत्तराखंड के रुड़की में वैश्विक विमर्श का केंद्र बना आईआईटी
देहरादून/रुड़की। उत्तराखंड स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी अकादमिक नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करते हुए AHEAD 2025 – IIT Roorkee अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेज़बानी की। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन ने सार्वजनिक नीति, स्वास्थ्य प्रणालियों और साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को एक साझा मंच पर लाकर भारत के विकास एजेंडे को नई दिशा दी।
सम्मेलन का आयोजन आईआईटी रुड़की की AHEAD लैब द्वारा किया गया, जिसमें भारत सहित विभिन्न देशों से विद्वान, नीति-निर्माता, अर्थशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। उत्तराखंड के शैक्षणिक परिदृश्य में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
नीति-प्रासंगिक शोध पर केंद्रित रहा AHEAD 2025 – IIT Roorkee
AHEAD 2025 – IIT Roorkee का केंद्रीय विषय था — “स्वास्थ्य और विकास में वैश्विक व्यवधान: चुनौतियाँ, नवाचार और 21वीं सदी के लिए मार्ग”। इस विषय के अंतर्गत स्वास्थ्य प्रणालियों की लचीलापन क्षमता, जलवायु परिवर्तन का स्वास्थ्य पर प्रभाव, वित्तीय जोखिम, जनसांख्यिकीय बदलाव और तकनीकी रूपांतरण जैसे मुद्दों पर गंभीर विमर्श हुआ।
ये सभी विषय भारत सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और राष्ट्रीय विकास नीति से सीधे जुड़े हुए हैं। सम्मेलन ने यह स्पष्ट किया कि अकादमिक शोध किस प्रकार नीति निर्माण में ठोस भूमिका निभा सकता है।
सातवाँ प्रमुख शैक्षणिक आयोजन, AHEAD लैब की बढ़ती भूमिका
डॉ. प्रताप सी. मोहंती द्वारा स्थापित और संचालित AHEAD लैब ने वर्ष 2025 में अपना सातवाँ प्रमुख आयोजन किया। AHEAD 2025 – IIT Roorkee का संयोजन स्वयं डॉ. मोहंती ने किया, जबकि डॉ. मनीष के. अस्थाना सह-संयोजक रहे।
इस सम्मेलन को भारत सरकार की नेशनल रिसर्च फाउंडेशन का समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार भी इस प्रकार के साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को प्राथमिकता दे रही है। उत्तराखंड में आयोजित यह सम्मेलन राष्ट्रीय और वैश्विक शोध समुदाय के लिए एक मजबूत संकेत है।
दस विषयगत ट्रैक में हुआ गहन मंथन
सम्मेलन के दौरान कुल दस विषयगत ट्रैक रखे गए, जिनमें स्वास्थ्य वित्तपोषण, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य, व्यावसायिक व पर्यावरणीय स्वास्थ्य, डिजिटल हेल्थ सिस्टम, पोषण और मानव पूंजी, वृद्धावस्था और कल्याण, लैंगिक असमानताएँ और संरचनात्मक विषमताएँ शामिल रहीं।
AHEAD 2025 – IIT Roorkee ने यह दिखाया कि स्वास्थ्य केवल चिकित्सा का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी कारकों से गहराई से जुड़ा हुआ क्षेत्र है।
उद्घाटन सत्र में नीति और अकादमिक जिम्मेदारी पर ज़ोर
उद्घाटन सत्र को आईआईटी रुड़की के अंतरराष्ट्रीय संबंध अधिष्ठाता प्रो. वी. सी. श्रीवास्तव, एम्स ऋषिकेश के हृदय रोग विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल और मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रो. स्मिता झा ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि AHEAD 2025 – IIT Roorkee जैसे मंच अकादमिक संस्थानों को सामाजिक रूप से उत्तरदायी बनाने और नीति निर्माण में उनकी भूमिका को सशक्त करते हैं, विशेषकर उत्तराखंड जैसे उभरते शैक्षणिक राज्यों में।
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विश्व स्तर के विशेषज्ञों की प्रभावशाली भागीदारी
सम्मेलन में यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन (यूके), विश्व बैंक, यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स, दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स, आईआईटी कानपुर, जेएनयू, बीएचयू और यूनिवर्सिटी ऑफ नोट्रे डेम (यूएसए) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की भागीदारी रही।
मुख्य भाषण और आमंत्रित व्याख्यानों ने AHEAD 2025 – IIT Roorkee को एक मजबूत नीति-अकादमिक इंटरफेस के रूप में स्थापित किया।
कठोर समीक्षा और सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार
सभी शोध पत्रों को द्वि-अंध सहकर्मी समीक्षा प्रक्रिया से गुज़ारा गया, जिससे अकादमिक गुणवत्ता सुनिश्चित हुई। सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार डॉ. बसंत के. पांडा और तनिषा को प्रदान किए गए।
यह प्रक्रिया यह दर्शाती है कि AHEAD 2025 – IIT Roorkee केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शोध का मानक मंच है।
क्षमता-निर्माण कार्यशाला से युवा शोधकर्ताओं को लाभ
सम्मेलन के साथ-साथ “स्वास्थ्य और कल्याण में बड़े-पैमाने के डेटा विश्लेषण” विषय पर पाँच-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला ने युवा शोधकर्ताओं की डेटा-आधारित नीति विश्लेषण क्षमता को मज़बूत किया।
उत्तराखंड में आयोजित यह पहल भारत सरकार के डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस विज़न के अनुरूप रही।
2026 में फिर लौटेगा AHEAD
समापन सत्र में घोषणा की गई कि AHEAD 2025 – IIT Roorkee का अगला संस्करण 14 से 16 दिसंबर 2026 तक आईआईटी रुड़की में आयोजित होगा। इससे इस वैश्विक मंच की निरंतरता और प्रभाव दोनों सुनिश्चित होंगे।
AHEAD 2025 – IIT Roorkee ने उत्तराखंड को वैश्विक अकादमिक मानचित्र पर और अधिक मज़बूती से स्थापित किया है। यह सम्मेलन स्वास्थ्य, विकास, नीति और सामाजिक प्रभाव के बीच एक प्रभावी सेतु बनकर उभरा है, जो आने वाले वर्षों में भारत के नीति निर्माण को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगा।