नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025:
छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों के लिए हाई-रेज़ोल्यूशन CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया है, जो ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग की सुविधा से लैस होंगे।
CBSE ने एक आधिकारिक परिपत्र जारी कर कहा कि यह व्यवस्था स्कूल परिसर के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों — जैसे कि प्रवेश द्वार, कक्षाएं, कॉरिडोर, सीढ़ियां, खेल मैदान, और बस पार्किंग — में लागू की जानी चाहिए। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, अनुशासन बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना की सटीक निगरानी करना है।
🔍 निगरानी की पारदर्शिता होगी सुनिश्चित
CBSE के निर्देश के अनुसार, कैमरों से प्राप्त रिकॉर्डिंग न्यूनतम 30 दिनों तक संरक्षित रखी जानी चाहिए और स्कूल प्रशासन को इसे आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराना होगा।
🧑🏫 अभिभावकों की बढ़ती चिंता बनी वजह
बीते कुछ वर्षों में विभिन्न स्कूलों से छात्रों के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट, या अनुशासनहीनता से जुड़ी घटनाएं सामने आने के बाद अभिभावकों की चिंताएं लगातार बढ़ रही थीं। ऐसे में यह कदम उन्हें एक हद तक मानसिक आश्वासन देने का कार्य कर सकता है।
🏫 स्कूलों को मिली समय-सीमा
CBSE ने सभी स्कूलों को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए एक निर्धारित समय सीमा भी दी है। साथ ही, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो स्कूल इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान हो सकता है।
⚠️ निजता और निगरानी के बीच संतुलन
हालांकि कुछ शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने इस निर्णय पर चिंता जताई है कि स्कूलों में ऑडियो-वीडियो निगरानी से बच्चों और शिक्षकों की निजता प्रभावित हो सकती है। लेकिन CBSE का कहना है कि यह निगरानी केवल सार्वजनिक क्षेत्रों तक सीमित रहेगी और इसका उद्देश्य केवल सुरक्षा है, न कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करना।
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