उत्तराखंड के लिए 4 और 5 अगस्त 2025 मानसून का सबसे खतरनाक दौर साबित हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दो दिन लगातार ‘रेड वॉर्निंग’ जारी करते हुए साफ कहा है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में अत्यंत भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) होने की पूरी संभावना है। स्थिति ऐसी है कि अगले 48 घंटे में पहाड़ों से लेकर मैदान तक जनजीवन ठप हो सकता है।
🌧 दो दिन, दोहरी मुसीबत
🔴 4 अगस्त 2025
- प्रदेश के लगभग सभी जिलों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा
- खासकर पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और देहरादून को लेकर गंभीर चेतावनी
- गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी और कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है
- शहरों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति
🔴 5 अगस्त 2025
- बारिश का रफ्तार और असर और अधिक घातक होने की संभावना
- भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं
- राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों के टूटने का अंदेशा
- यात्रियों और तीर्थयात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
🛑 क्या है ‘Red Warning’?
‘रेड अलर्ट’ मौसम विभाग की सबसे गंभीर चेतावनी होती है, जिसमें कहा जाता है कि:
- खतरे की आशंका बहुत अधिक है
- मानव जीवन को जोखिम, संपत्ति की क्षति और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है
- तत्काल राहत, बचाव और अलर्ट मोड जरूरी है
🚨 प्रशासन की तैयारियाँ
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को 24×7 एक्टिव मोड पर रखा है
- SDRF की टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात
- स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्णय जिलों पर छोड़ा गया है
- चारधाम यात्रा पर भी नजर, ज़रूरत पड़ी तो रोक लग सकती है
📢 जनता से क्या अपेक्षित है
- घर में रहें, सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो जाएं
- पहाड़ों की यात्रा फिलहाल स्थगित करें
- नदी-नालों के आसपास बिल्कुल न जाएं
- बिजली के खंभों, खुले तारों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें
उत्तराखंड का यह दो दिन का ‘रेड अलर्ट’ केवल एक मौसम चेतावनी नहीं है, यह एक प्राकृतिक संकट का एलान है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।