NDA Vice President Candidate: उपराष्ट्रपति चुनाव उम्मीदवार के लिए BJP ने सीपी राधाकृष्णन का नाम फाइनल किया है, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के गवर्नर हैं। मतदान 9 सितंबर को होगा।
महाराष्ट्र के गवर्नर सीपी राधाकृष्णन NDA के उपराष्ट्रपति चुनाव उम्मीदवार होंगे। BJP की पार्लियामेंट्री बोर्ड मीटिंग में उनके नाम पर मुहर लगाई गई। संसदीय समिति में राधाकृष्णन के नाम पर चर्चा हुई और उनके नाम पर समिति के सभी सदस्यों ने सहमति जताई। मीटिंग शाम 6 बजे भारतीय जनता पार्टी के हेड ऑफिस में हुई थी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने भी शिरकत की थी। वहीं बैठक के बाद जेपी नड्डा ने मीडिया ब्रीफिंग में उनके नाम का ऐलान किया।
सीपी राधाकृष्णन के बारे में …
सीपी राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल हैं। उन्होंने 31 जुलाई 2024 को बतौर महाराष्ट्र राज्यपाल शपथ ली थी। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हैं। महाराष्ट्र का राज्यपाल बनने से पहले वे झारखंड के राज्यपाल रहे। 18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक उन्होंने यह पद संभाला। मार्च 2024 से जुलाई 2024 तक उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुदुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था।
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे थे। 16 साल की उम्र में सीपी राधाकृष्णन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और जनसंघ के सदस्य बने थे। उन्होंने साल 1998 और साल 1999 में तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद बने। जुलाई 2024 में बने थे महाराष्ट्र गवर्नर। सीपी राधाकृष्णन को तमिलनाडु का मोदी भी कहा जाता है।
क्यों कहा जाता है तमिलनाडु का मोदी?
CP राधाकृष्णन को तमिलनाडु का मोदी कहा जाता है क्योंकि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख और सम्मानित नेता हैं जिन्होंने तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी तुलना नरेंद्र मोदी से की जाती है क्योंकि वे दोनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आते हैं और अपने मजबूत नेतृत्व, संगठनात्मक कौशल और जनता से जुड़ने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा के लिए बड़े पैमाने पर काम किया, जैसे कि 19,000 किलोमीटर लंबी रथ यात्रा का नेतृत्व करना और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाना। इसके अलावा, उनकी सक्रियता, विकासोन्मुखी दृष्टिकोण और कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी को आगे ले जाने की क्षमता मोदी की नेतृत्व शैली से जुड़ी हुई है।