उत्तराखंड इन दिनों प्रकृति के प्रकोप से जूझ रहा है। 29 अगस्त को लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने पूरे प्रदेश में तबाही मचा दी है। नदियां उफान पर हैं, पहाड़ों में भूस्खलन हो रहा है और कई जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने हालात और भयावह बना दिए हैं। सड़कें टूटी पड़ी हैं और लोगों में दहशत का माहौल है।
रुद्रप्रयाग में बादल फटा, गांव तबाह
रुद्रप्रयाग जनपद के बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मची है। तेज गर्जना और अचानक आए पानी-मलबे ने गांव के कई हिस्सों को तबाह कर दिया। कई घरों को नुकसान पहुंचा है और मवेशी बह गए हैं। सड़कों का नामोनिशान मिट चुका है, जिससे बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया है।
एसपी अक्षय प्रल्हाद कोंडे ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और बताया कि SDRF व पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं। कई स्थानों पर सड़कें टूट जाने के कारण रेस्क्यू दल पैदल ही प्रभावित गांवों तक पहुंच रहे हैं।
चमोली और रुद्रप्रयाग में लोग फंसे और लापता
चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों से खबर है कि बादल फटने के बाद कई लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि दर्जनों लोग सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। लगातार बारिश और मलबा हटाने में दिक्कत के कारण रेस्क्यू अभियान धीमा पड़ा है।
सड़कें बंद, आवागमन ठप
- अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 309 कांडानौला के पास भारी मलबा आने से पूरी तरह बंद हो गया है।
- बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे कई जगह भूस्खलन से अवरुद्ध हैं।
- टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग और गंगोत्री क्षेत्र में भी यातायात बाधित हो गया है।
मैदानों में जलभराव, पहाड़ों में खौफ
देहरादून और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में निचले इलाकों में पानी भर चुका है। घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। लोग सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और तस्वीरें शेयर कर रहे हैं, जिनमें सड़कों को नदियों में तब्दील होते देखा जा सकता है।
प्रशासन का अलर्ट
प्रदेशभर में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। SDRF, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में डटी हुई हैं। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नालों के किनारे न जाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें। कई जिलों में स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं।
उत्तराखंड में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे को बेहद अहम बताया है और भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में जनता को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।