देहरादून, उत्तराखंड।
BIS के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास, मुख्य सेवक सदन में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि और विभिन्न हितधारक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य गुणवत्ता, मानकीकरण और उपभोक्ता संरक्षण को लेकर जागरूकता को और मजबूत करना रहा।
गुणवत्ता और मानक विकसित भारत की आधारशिला
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि BIS देश में सुरक्षित, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मानक आधारित उत्पादन ही आत्मनिर्भर और विकसित अर्थव्यवस्था की नींव है। उत्तराखंड जैसे राज्य में निर्माण सामग्री, खाद्य उत्पाद, विद्युत उपकरण और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
उन्होंने उद्योगों और निर्माताओं से ISI सहित मानक चिह्नों को अपनाने की अपील की, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रमाणित उत्पाद मिल सकें।
गुणवत्ता क्रांति की राह पर देहरादून: BIS की पहल से उपभोक्ता और उद्योग दोनों मजबूत
BIS की भूमिका और कार्यक्षेत्र
BIS के निदेशक एवं प्रमुख ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल मानक तय करना नहीं, बल्कि पूरे देश में गुणवत्ता-संस्कृति को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि BIS मानकीकरण, प्रमाणन, परीक्षण और निगरानी के माध्यम से उपभोक्ता हितों की रक्षा करता है और उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार, उद्योग और उपभोक्ता — इन तीनों के बीच समन्वय से ही मानकों का प्रभाव जमीनी स्तर तक पहुंच सकता है।

उत्तराखंड में मानकीकरण की बढ़ती आवश्यकता
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में औद्योगिक गतिविधियों, शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ गुणवत्ता नियंत्रण की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। BIS द्वारा समय-समय पर किए जा रहे निरीक्षण, लाइसेंसिंग और जागरूकता अभियानों से उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत हुआ है।
विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री और घरेलू उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना राज्य के लिए प्राथमिकता का विषय है।
जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों की सहभागिता
समारोह में देहरादून जिले की कैंट, राजपुर और रायपुर विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों ने भाग लिया। इसके साथ ही उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र, शिक्षा विभाग और अन्य संस्थानों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने गुणवत्ता और मानकीकरण पर अपने विचार साझा किए।
उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि BIS के मानकों के पालन से उत्पादों की विश्वसनीयता बढ़ी है और बाजार में उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत हुआ है।
उपभोक्ता संरक्षण पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान उपभोक्ता संरक्षण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि नकली और घटिया उत्पादों पर रोक लगाने में BIS की भूमिका निर्णायक है। नियमित सैंपल टेस्टिंग, निगरानी और प्रवर्तन के माध्यम से उपभोक्ताओं को सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
देहरादून में “मानक मंथन” ने मचाई हलचल — औद्योगिक सुरक्षा हेलमेट पर खुली बहस, मानकों में बड़े बदलाव की आहट!
फेलिसिटेशन सेरेमनी में उत्कृष्ट योगदान को सम्मान
समारोह के अंतिम चरण में BIS, देहरादून द्वारा गुणवत्ता, मानकीकरण और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्योगों, संगठनों और अन्य हितधारकों को सम्मानित किया गया। इस फेलिसिटेशन सेरेमनी का उद्देश्य मानक अनुपालन को प्रोत्साहित करना और उत्कृष्ट कार्य को पहचान देना रहा।

200 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी
BIS के 79वें स्थापना दिवस समारोह में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि गुणवत्ता और सुरक्षा केवल नियम नहीं, बल्कि उपभोक्ता विश्वास और सतत विकास की बुनियाद हैं। उत्तराखंड में आयोजित यह समारोह मानकीकरण के प्रति जन-जागरूकता को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।
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