उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर ने पूरे चिकित्सा जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है। जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग के वरिष्ठ सीएमएस (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) और जाने-माने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मनोज बडोनी का मंगलवार देर सायं उनके सरकारी आवास पर अचेत अवस्था में निधन हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वे इसी माह सेवानिवृत्त होने वाले थे और अपना शेष कार्यकाल सामान्य रूप से पूर्ण कर रहे थे।
🩺 स्वास्थ्य विभाग स्तब्ध, प्रशासन में हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए। जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश स्वयं मौके पर पहुंचे। डॉ. बडोनी को उनके सरकारी आवास — जो कि जिला अस्पताल परिसर में ही स्थित है — में बेहोशी की अवस्था में पाया गया था। जब तक डॉक्टरों की टीम पहुंची, सब कुछ खत्म हो चुका था।
⚠️ कुछ दिनों से अस्वस्थ थे, लेकिन कोई अंदेशा नहीं था…
सूत्रों के अनुसार, डॉ. बडोनी पिछले कुछ दिनों से थोड़े अस्वस्थ चल रहे थे, लेकिन किसी ने भी इस तरह के अचानक अंत की कल्पना नहीं की थी। उनका स्वास्थ्य धीरे-धीरे गिर रहा था, पर कोई गंभीर चेतावनी नहीं थी। उनकी सेवा और समर्पण के चलते वे अंतिम समय तक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे।
🏥 जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर, OPD सेवाएं आज बंद
उनके निधन के बाद रुद्रप्रयाग नगर में शोक की लहर दौड़ गई है। आमजन से लेकर चिकित्सा कर्मी तक स्तब्ध हैं। डॉ. बडोनी को एक कुशल सर्जन, अनुशासित प्रशासक और अत्यंत विनम्र डॉक्टर के रूप में जाना जाता था। उनके सम्मान में आज जिला चिकित्सालय और कोटेश्वर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रहेंगी, हालांकि आकस्मिक सेवाएं पूर्ववत चालू रहेंगी।
🕯️ अंतिम श्रद्धांजलि की तैयारी, पोस्टमार्टम आज
कोतवाली निरीक्षक मनोज नेगी ने जानकारी दी कि शव को जिला मोर्चरी में रखा गया है, और बुधवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न होगी। उसके पश्चात अंतिम संस्कार की तैयारियां होंगी। जनपद के चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी अंतिम दर्शन हेतु उपस्थित रहेंगे।