चमोली में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना में हादसा, मचा हड़कंप
उत्तराखंड के चमोली जनपद से एक बिग ब्रेकिंग खबर सामने आई है। पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी (THDC) विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीबीएम (Tunnel Boring Machine) साइट पर मंगलवार को शिफ्ट परिवर्तन के दौरान बड़ा हादसा हो गया।
परियोजना की सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने वाली दो लोको ट्रेनों की आपस में टक्कर हो गई। हादसे के समय सुरंग के भीतर कुल 109 श्रमिक मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया तत्काल संज्ञान
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता दिखाते हुए जिलाधिकारी चमोली से दूरभाष पर बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- सभी घायलों को तत्काल और बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए
- आवश्यकता पड़ने पर घायलों को उच्च चिकित्सालयों में रेफर किया जाए
- किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए
राज्य सरकार ने स्थिति पर निरंतर निगरानी रखने के संकेत दिए हैं।
डीएम और एसपी पहुंचे अस्पताल, घायलों का जाना हालचाल
हादसे की खबर मिलते ही जिलाधिकारी चमोली श्री गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री सुरजीत सिंह पंवार तत्काल जिला चिकित्सालय गोपेश्वर पहुंचे।
दोनों अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती श्रमिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायलों को समुचित, त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार दिया जाए।
घायलों की स्थिति पर आधिकारिक अपडेट
जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार ने घटना को लेकर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया:
- 70 श्रमिकों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया
- इनमें से 66 श्रमिकों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया
- 04 श्रमिकों को जिला चिकित्सालय में एडमिट किया गया है
- पीपलकोटी विवेकानंद चिकित्सालय में
- 18 श्रमिकों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया
- 21 श्रमिकों को किसी प्रकार की चोट नहीं आई
- वे घटनास्थल से ही सुरक्षित अपने घर लौट गए
प्रशासन के अनुसार फिलहाल सभी श्रमिक सुरक्षित हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
परियोजना सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निर्माणाधीन सुरंगों में सुरक्षा मानकों और शिफ्ट प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:
- सुरंगों में ट्रांसपोर्ट सिस्टम की तकनीकी जांच जरूरी है
- शिफ्ट परिवर्तन के दौरान अलर्ट प्रोटोकॉल और सख्त किए जाने चाहिए
प्रशासनिक स्तर पर हादसे की आंतरिक जांच के संकेत भी मिले हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड में, निगरानी जारी
चमोली जिला प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को अलर्ट पर रखा गया है। श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है।
राज्य सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—
मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि।
चमोली के पीपलकोटी में हुआ यह हादसा भले ही बड़ा था, लेकिन तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता से किसी बड़ी जनहानि से बचाव हो सका। यह घटना भविष्य में ऐसी परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की चेतावनी भी है।
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