इको टूरिज्म उत्तराखंड को नई रफ्तार: ट्रैकिंग–माउंटेनियरिंग पॉलिसी, नई चोटियाँ और ETDB को मजबूत करने के निर्देश

देहरादून, 05 जनवरी।

उत्तराखंड सरकार ने इको टूरिज्म उत्तराखंड को संगठित, सुरक्षित और पर्यावरण-संतुलित मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक में वन विभाग के अंतर्गत इको टूरिज्म, ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि राज्य का अधिकांश भूभाग वनाच्छादित होने के कारण इको टूरिज्म उत्तराखंड में रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इको टूरिज्म उत्तराखंड की संभावनाओं को केवल चिन्हित करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि ऐसे इको टूरिज्म स्पॉट विकसित किए जाएं जो एक मजबूत और दीर्घकालिक इको सिस्टम तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि इको टूरिज्म को इस तरह विकसित किया जाए जिससे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव न पड़े और स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिले।

उत्तराखंड में इको टूरिज्म को लेकर सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक

ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग के लिए इंटीग्रेटेड पॉलिसी

बैठक में ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग गतिविधियों के लिए एक इंटीग्रेटेड पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि यह पॉलिसी 15 जनवरी तक अंतिम रूप देकर शासन को प्रस्तुत की जाए। पॉलिसी तैयार करने से पहले निजी स्टेकहोल्डर्स से संवाद करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पॉलिसी लागू होने के बाद किसी भी तरह की व्यवहारिक समस्या उत्पन्न न हो। यह निर्णय इको टूरिज्म उत्तराखंड को व्यवस्थित और निवेश-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई चोटियों को खोलने और SOP जारी करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने ट्रैकिंग के लिए नई चोटियों को खोलने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। इसके लिए पर्यावरण ऑडिट सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने को कहा गया है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ट्रैकिंग और माउंटेनियरिंग गतिविधियों के संचालन के लिए जल्द ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की जाए, जिससे पर्यावरणीय संतुलन, पर्यटकों की सुरक्षा और प्रशासनिक स्पष्टता सुनिश्चित की जा सके। यह कदम इको टूरिज्म उत्तराखंड को सुरक्षित ढांचे में आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।

चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार में तेजी

बैठक में चौरासी कुटिया के जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए और सभी कार्यों की स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण कराने के लिए लक्ष्य आधारित निगरानी सुनिश्चित की जाए। चौरासी कुटिया को इको टूरिज्म उत्तराखंड के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन मॉडल से जोड़कर विकसित किया जा रहा है।

जबरखेत मॉडल को अन्य स्थलों पर लागू करने की योजना

मुख्य सचिव ने इको टूरिज्म के सफल जबरखेत मॉडल को राज्य के अन्य चिन्हित इको टूरिज्म स्थलों पर भी लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत संभागीय वन अधिकारियों (DFO) को स्पष्ट टास्क दिए जाएंगे कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इको टूरिज्म उत्तराखंड को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि 10 चिन्हित साइट्स का विस्तृत प्लान एक माह के भीतर शासन को भेजा जाए।

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ETDB को मजबूत करने पर जोर

वन क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म तैयार करने पर भी सहमति बनी। मुख्य सचिव ने कहा कि इन गतिविधियों की जिम्मेदारी इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (ETDB) को दी जा सकती है, क्योंकि इसका गठन इसी उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने ETDB को मजबूत करने, मैनपावर बढ़ाने और बजट में आवश्यक प्रावधान करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, ETDB के लिए नया हेड खोलने के निर्देश भी दिए गए ताकि उत्तराखंड टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड की तर्ज पर इसे भी ग्रांट मिल सके। इको टूरिज्म उत्तराखंड की साइट्स के संचालन के लिए ETDB के माध्यम से शीघ्र एमओयू किए जाएंगे।

मासिक समीक्षा और औपचारिक प्रशिक्षण

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इको टूरिज्म से संबंधित हाईपावर समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाए। इसके साथ ही, प्रदेशभर में पर्यटन गतिविधियों के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे और सर्टिफिकेशन को एक ही स्थान पर एंकर किया जाएगा। प्रशिक्षण प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपी जाएगी तथा उच्च शिक्षा विभाग से भी सुझाव लिए जाएंगे।

बैठक में सचिव श्री दीपेन्द्र कुमार चौधरी, पीसीसीएफ श्री रंजन कुमार मिश्रा, सीसीएफ ईको टूरिज्म श्री पी.के. पात्रो, अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इन नीतिगत निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार इको टूरिज्म उत्तराखंड को संरचित नीति, संस्थागत मजबूती और प्रशिक्षित मानव संसाधन के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में गंभीर है, जिससे आने वाले समय में उत्तराखंड का पर्यटन परिदृश्य व्यापक रूप से बदलेगा।

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