नई दिल्ली | प्रसिद्ध पॉडकास्टर और AI शोधकर्ता Lex Fridman ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने हालिया साक्षात्कार में एक खास खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस इंटरव्यू से पहले दो दिन तक उपवास रखा और इस दौरान केवल पानी ग्रहण किया। जब उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री मोदी को बताई, तो मोदी आश्चर्यचकित रह गए और मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी— “I am truly surprised 😅”
गायत्री मंत्र और भारतीय संस्कृति का आकर्षण
Lex Fridman ने न केवल उपवास किया, बल्कि भारतीय आध्यात्मिकता में अपनी रुचि भी प्रकट की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि वह गायत्री मंत्र सीख रहे हैं और इसे साक्षात्कार के दौरान सस्वर उच्चारित भी किया। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल उनकी सराहना की बल्कि भारत की प्राचीन सनातन परंपरा को लेकर एक महत्वपूर्ण विचार भी रखा।
“हिंदुत्व एक जीवन पद्धति है” – मोदी
Lex Fridman के मंत्र उच्चारण के बाद पीएम मोदी ने कहा:
“In India, we have Hindutva which is a way of living, a philosophy that guides life itself.”
(भारत में हिंदुत्व केवल एक विचारधारा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन दर्शन है, जो जीवन को दिशा प्रदान करता है।)
यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक ओर यह हिंदुत्व को महज़ धार्मिक पहचान से अलग हटकर एक व्यापक दर्शन के रूप में स्थापित करता है, वहीं दूसरी ओर यह दर्शाता है कि भारतीय संस्कृति और उसकी गूढ़ विचारधारा विश्वभर के विद्वानों को आकर्षित कर रही है।
अमेरिकी विद्वान की भारतीय आध्यात्म में रुचि
Lex Fridman, जो अमेरिका में AI और विज्ञान के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, पहले भी भारतीय ज्ञान परंपराओं में अपनी रुचि दिखा चुके हैं। इससे पहले उन्होंने भगवद गीता और स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया था। इस बार उन्होंने गायत्री मंत्र का अभ्यास कर यह दर्शाया कि भारतीय आध्यात्मिकता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर बौद्धिक और आध्यात्मिक जिज्ञासा को प्रेरित कर रही है।
मोदी और फ्रिडमैन की चर्चा क्यों खास है?
- Lex Fridman के उपवास से यह स्पष्ट होता है कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा का प्रभाव अब पश्चिमी विचारकों तक भी पहुंच रहा है।
- गायत्री मंत्र का जाप कर उन्होंने भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी गहरी रुचि दर्शाई।
- मोदी का हिंदुत्व पर बयान यह बताता है कि यह केवल एक धार्मिक विचारधारा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो हर व्यक्ति के जीवन को दिशा देने का कार्य करती है।
Lex Fridman और नरेंद्र मोदी की यह बातचीत केवल एक सामान्य साक्षात्कार नहीं थी, बल्कि यह भारत की सनातन परंपरा और उसकी वैश्विक स्वीकृति का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गई। भारत की आध्यात्मिकता और विचारधारा अब सीमाओं से परे जाकर वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन रही है, और इसका प्रभाव पश्चिमी बुद्धिजीवियों और विचारकों पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
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