ग्रामीण भारत के लिए बड़ा कदम, मोदी सरकार का साफ संदेश
ग्रामीण भारत को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV (PMGSY-IV) के तहत 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे देश के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों तक विकास की सीधी पहुँच बनेगी।
यह फैसला सिर्फ नई सड़कें बनाने का नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन को स्थायी रूप से बदलने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
6 राज्यों को सीधा लाभ, हजारों गाँव जुड़ेंगे
पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह मंजूरी दी गई है, उनमें शामिल हैं—
- जम्मू-कश्मीर
- छत्तीसगढ़
- उत्तराखंड
- राजस्थान
- हिमाचल प्रदेश
- सिक्किम
इन राज्यों में भौगोलिक चुनौतियाँ लंबे समय से विकास की राह में बाधा रही हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इन इलाकों को सड़क कनेक्टिविटी के ज़रिए नई गति मिलने जा रही है।
3,270 बस्तियों की तस्वीर बदलेगी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन परियोजनाओं से लगभग 3,270 ऐसी बस्तियाँ, जो अब तक अलग-थलग थीं, पहली बार ऑल-वेदर सड़कों से जुड़ेंगी।
इसका सीधा असर पड़ेगा—
- स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुँच
- बच्चों की स्कूल और कॉलेज तक आसान आवाजाही
- किसानों और ग्रामीण उत्पादकों को बाज़ार से जोड़ना
- रोज़गार और आजीविका के नए अवसर
यानी, सड़क केवल दूरी नहीं घटाएगी, बल्कि असमानता की खाई भी पाटेगी।
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PMGSY-IV का लक्ष्य: हर मौसम में चलने वाली सड़कें
पीएमजीएसवाई-IV का उद्देश्य बेहद स्पष्ट है—
- 62,500 किलोमीटर लंबी ऑल-वेदर ग्रामीण सड़कें
- अब तक असंबद्ध बस्तियों को प्राथमिकता
- सड़कों के साथ-साथ आवश्यक पुलों का निर्माण
कनेक्टिविटी के मानक (जनगणना 2011 के आधार पर):
- मैदानी क्षेत्र: 500 से अधिक आबादी
- पहाड़ी/पूर्वोत्तर क्षेत्र: 250 से अधिक आबादी
- विशेष श्रेणी क्षेत्र: 25,000 असंबद्ध बस्तियाँ
- वाम उग्रवाद प्रभावित जिले: 100+ आबादी वाली बस्तियाँ
70,125 करोड़ रुपये का निवेश, मजबूत इरादे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 11 सितंबर 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएमजीएसवाई-IV के कार्यान्वयन को मंजूरी दी थी।
योजना का कुल परिव्यय:
- कुल लागत: ₹70,125 करोड़
- केंद्र सरकार का हिस्सा: ₹49,087.50 करोड़
- राज्य सरकारों का हिस्सा: ₹21,037.50 करोड़
- अवधि: 2024-25 से 2028-29
यह निवेश दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रामीण विकास को सिर्फ नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता मानते हैं।
क्यों यह फैसला ‘गेम-चेंजर’ माना जा रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से—
- ग्रामीण-शहरी विकास अंतर कम होगा
- पलायन पर रोक लगेगी
- सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में रणनीतिक मजबूती आएगी
- विकसित भारत का सपना ज़मीन पर उतरेगा
जहाँ सड़क पहुँचेगी, वहाँ सरकार की योजनाएँ और अवसर खुद-ब-खुद पहुँचेंगे।
विकसित भारत की नींव गाँव से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार यह कहते रहे हैं कि विकसित भारत का रास्ता गाँवों से होकर जाता है। पीएमजीएसवाई-IV के तहत दी गई यह मंजूरी उसी सोच की ठोस अभिव्यक्ति है।
ग्रामीण भारत अब नक्शे पर नहीं, बल्कि विकास के केंद्र में खड़ा दिखाई दे रहा है।
सड़कें नहीं, संभावनाओं के रास्ते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं की मंजूरी यह साफ करती है कि सरकार के लिए सड़कें केवल अवसंरचना नहीं हैं, बल्कि—
स्वास्थ्य, शिक्षा, रोज़गार और सम्मान तक पहुँचने का माध्यम हैं।
और यही सड़कें आने वाले वर्षों में विकसित भारत की सबसे मज़बूत बुनियाद बनेंगी।
Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.
