देहरादून, 24 सितंबर 2025: राजधानी देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र के चाय बागान इलाके में एक सफेद प्लास्टिक कट्टे में मिला शव पूरे शहर में सनसनी मचा रहा है। मृतका की पहचान 20 वर्षीय पॉलिटेक्निक छात्रा विशाखा के रूप में हुई।
अनोखी और डरावनी शुरुआत
मामला तभी और दर्दनाक हो गया जब बीमार मां को अस्पताल में भर्ती पाकर ही रात के 4 बजे विशाल ने फोन कर कहा – “मम्मी, विशाखा चली गई है, किसी को मत बताना…” और फोन तुरंत कट गया। यह सुनते ही मां घबरा गईं। अगले दिन सुबह पुलिस ने सूचना दी कि जंगल में विशाखा का शव बरामद हुआ है। यह खबर सुनकर मां बेहोश हो गईं और रिश्तेदारों का कहना है कि बेटी की मौत के बाद से उन्हें बार-बार बेहोशी के दौरे पड़ रहे हैं।
परिवार की हालत और जिम्मेदारी
विशाखा का परिवार पहले ही कठिन हालात से गुजर रहा था। पिता बुधराम लकवाग्रस्त हैं और लंबे समय से बिस्तर पर पड़े हैं, मां अस्पताल में इलाज करवा रही हैं। घर की सारी जिम्मेदारी विशाखा ही संभालती थी। अब उसकी हत्या ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है।
ममेरे भाई की तहरीर और परिवारिक विवाद
विशाखा के ममेरे भाई रोहित कुमार ने थाना बसंत विहार में तहरीर दी। बताया गया कि विशाल, जो नशे का आदी है, नियमित काम नहीं करता और अक्सर बहन के साथ झगड़े करता था। विशाखा पढ़ाई पूरी करके नौकरी कर परिवार का सहारा बनना चाहती थी। बीमार मां ने भी सीधे विशाल पर अपनी बेटी की हत्या का शक जताया।

पुलिस का खुलासा
जांच में सामने आया कि विशाल ने अपने किराएदार राजा के साथ मिलकर यह क्रूर कांड अंजाम दिया। दोनों ने नशे में मारपीट कर शव को प्लास्टिक के कट्टे में डालकर जंगल में फेंक दिया। राजा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि विशाल अभी फरार है। पुलिस उसके सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
स्थानीयों का गुस्सा और सुरक्षा की मांग
चाय बागान इलाके के लोग पहले भी संदिग्ध गतिविधियों और लाशें मिलने से परेशान हैं। उनका कहना है कि इलाके में रात के समय पुलिस पिकेट होना चाहिए ताकि अपराधियों को मौका न मिले। खाली जगहों पर नशे में बैठे लोग राहगीरों के लिए डर का माहौल बना देते हैं।
समाज पर असर
यह मामला सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि नशे और घरेलू विवादों के खतरनाक परिणाम को उजागर करता है। पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर भय और गुस्सा है।