देहरादून | विशेष रिपोर्ट
देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पिछले 48 घंटों के भीतर हुई दो दिनदहाड़े हत्याओं ने पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। नतीजा—SSP Dehradun Transfer का बड़ा फैसला।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कानून-व्यवस्था समीक्षा के तुरंत बाद उत्तराखंड शासन ने पुलिस महकमे में सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए SSP देहरादून समेत 20 वरिष्ठ IPS–PPS अधिकारियों का तबादला कर दिया। यह कदम साफ संकेत देता है कि सरकार अब ज़ीरो-टॉलरेंस मोड में है।
🩸 सिल्वर सिटी मॉल हत्याकांड: सरेराह कत्ल से दहला दून
राजपुर रोड के वीवीआईपी इलाके स्थित सिल्वर सिटी मॉल में शुक्रवार सुबह प्रॉपर्टी डीलर विक्रम शर्मा की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिम से बाहर निकलते ही अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की—मौके पर अफरा-तफरी मची और आरोपी भीड़ में घुलकर फरार हो गए।
इस वारदात से पहले तिब्बती मार्केट में अर्जुन शर्मा की हत्या हो चुकी थी। 48 घंटे में दो हाई-प्रोफाइल मर्डर ने सीधे SSP Dehradun Transfer की जमीन तैयार की।
⏱️ 12 दिन, 3 डे-लाइट मर्डर: डरावना पैटर्न
- 2 फरवरी: पलटन बाजार—महिला की चापड़ से निर्मम हत्या
- तिब्बती मार्केट: अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या
- सिल्वर सिटी मॉल: विक्रम शर्मा की सरेआम फायरिंग में मौत
तीनों घटनाएँ दिन की शुरुआत में—यानी अपराधियों ने सिस्टम की कमजोर घड़ी पहचान ली। यही कारण है कि सरकार ने SSP Dehradun Transfer के जरिए जवाबदेही तय की।
🚔 मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट संदेश
सीएम धामी ने कहा कि पुलिस को Reactive नहीं, Pre-emptive Policing अपनानी होगी।
निर्देश:
- इंटेलिजेंस/मुखबिर तंत्र सक्रिय
- हाई-विजिबिलिटी पेट्रोलिंग
- फास्ट-ट्रैक खुलासे
- अफसरों की सीधी जवाबदेही
🔁 SSP Dehradun Transfer: राजधानी को नया कप्तान
- प्रमेन्द्र डोबाल — SSP हरिद्वार ➝ SSP देहरादून
- अजय सिंह — SSP देहरादून ➝ SSP STF
- नवनीत सिंह — SSP STF ➝ SSP हरिद्वार
यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं, परफॉर्मेंस-ड्रिवन संदेश है।
📄 पूरी आधिकारिक तबादला सूची (13 फरवरी 2026)
SSP Dehradun Transfer के साथ 20 IPS–PPS अधिकारियों का फेरबदल
| क.सं. | अधिकारी का नाम | वर्तमान तैनाती | नवीन तैनाती |
|---|---|---|---|
| 1 | श्रीमती निवेदिता कुकरेती | DIG, SDRF | IG, SDRF |
| 2 | श्री प्रल्हाद नारायण मीणा | SSP, सतर्कता | DIG, सतर्कता |
| 3 | श्री यशवंत सिंह | सेनानायक, 31वीं वाहिनी PAC | प्रधानाचार्य, PTC नरेन्द्रनगर |
| 4 | श्री प्रमेन्द्र डोबाल | SSP, हरिद्वार | SSP, देहरादून |
| 5 | श्री अजय सिंह | SSP, देहरादून | SSP, STF |
| 6 | श्री नवनीत सिंह | SSP, STF | SSP, हरिद्वार |
| 7 | श्री अजय गणपति कुम्भार | SP, चम्पावत | SSP, ऊधमसिंहनगर |
| 8 | श्री मणिकान्त मिश्रा | SSP, ऊधमसिंहनगर | SP, अभिसूचना |
| 9 | श्री प्रदीप कुमार राय | SP, अभिसूचना | SP, CBCID |
| 10 | श्री अमित श्रीवास्तव | SP (क्षेत्रीय), अभिसूचना | सेनानायक, प्रथम IRB, रामनगर |
| 11 | श्री अक्षय प्रहलाद कोण्डे | SP, रूद्रप्रयाग | SP, पिथौरागढ़ |
| 12 | श्रीमती रेखा यादव | SP, पिथौरागढ़ | SP, चम्पावत |
| 13 | श्री चन्द्रशेखर आर. घोड़के | SP, बागेश्वर | SSP, अल्मोड़ा |
| 14 | श्री देवेन्द्र पींचा | SSP, अल्मोड़ा | सेनानायक, 31वीं वाहिनी PAC, रूद्रपुर |
| 15 | श्रीमती निहारिका तोमर | SP, अपराध/यातायात, USN | SP, रूद्रप्रयाग |
| 16 | श्री जितेन्द्र कुमार मेहरा | SP, अपराध/यातायात, हरिद्वार | SP, बागेश्वर |
| 17 | श्री जितेन्द्र चौधरी | SP, हरिद्वार | SP, अपराध/यातायात, USN |
| 18 | सुश्री निशा यादव | SP, हरिद्वार | SP, अपराध/यातायात, हरिद्वार |
| 19 | श्री मनोज ठाकुर | ASP, CID | ASP, कोटद्वार, पौड़ी |
| 20 | श्री चन्द्रमोहन सिंह | ASP, कोटद्वार, पौड़ी | SP (क्षेत्रीय), अभिसूचना, देहरादून |
🔎 क्यों फेल हुई फील्ड-पुलिसिंग?
अपराधियों ने पहचान ली ‘कमज़ोर घड़ी’
देहरादून में हुई हालिया हत्याओं ने यह साफ कर दिया है कि अपराधियों ने पुलिस की फील्ड-पुलिसिंग और टाइम-मैनेजमेंट की कमजोर कड़ी को पहचान लिया था। तीनों डे-लाइट मर्डर लगभग एक ही समय—सुबह की शुरुआत—में हुए, जब ट्रैफिक बढ़ता है, बाजार खुलते हैं और पुलिस की तैनाती बिखरी रहती है। यही वह वक्त है जिसे अपराधियों ने “सेफ विंडो” की तरह इस्तेमाल किया। सवाल यह नहीं कि अपराध हुआ, सवाल यह है कि पुलिस प्रेज़ेंस दिखी क्यों नहीं? यह चूक ही SSP Dehradun Transfer जैसी कड़ी कार्रवाई का आधार बनी।
🧠 सफेदपोश नेटवर्क और प्रॉपर्टी एंगल
अपराध के पीछे छुपी परतें
पुलिस सूत्रों की मानें तो हालिया हत्याओं में प्रॉपर्टी, लेन-देन और लोकल नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। देहरादून जैसे शहर में संगठित अपराध अक्सर संरक्षण के बिना पनप नहीं सकता। यही वजह है कि अब सिर्फ शूटर नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे बैठे चेहरे भी रडार पर हैं। नए SSP प्रमेन्द्र डोबाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है—ग्राउंड लेवल अपराध के साथ-साथ बैकएंड नेटवर्क को तोड़ना। SSP Dehradun Transfer का असली टेस्ट यहीं होगा।
🚨 जनता की अपेक्षा: ट्रांसफर नहीं, रिज़ल्ट
भरोसा तभी लौटेगा जब नतीजे दिखेंगे
देहरादून की जनता यह साफ समझती है कि तबादले प्रशासन का हिस्सा होते हैं, लेकिन भरोसा तब लौटता है जब ज़मीन पर फर्क दिखे। लोग अब पूछ रहे हैं—क्या मॉल, बाजार और सुबह की सैर फिर सुरक्षित होगी? क्या अपराधियों की गिरफ्तारी तेज़ होगी? SSP Dehradun Transfer के बाद उम्मीद है कि हाई-विजिबिलिटी पेट्रोलिंग, त्वरित खुलासे और लगातार मॉनिटरिंग दिखेगी। क्योंकि अगर नतीजे नहीं आए, तो तबादले भी महज़ कागज़ी कार्रवाई बनकर रह जाएंगे।
क्या लौटेगा दून का सुकून?
अब जिम्मेदारी नए SSP प्रमेन्द्र डोबाल के कंधों पर है—क्या SSP Dehradun Transfer के बाद मैदान पर असर दिखेगा?
जनता का सवाल सीधा है: नतीजे कब?
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Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.
