📍 देहरादून
उत्तराखंड अब बदलने वाला है।
अगर आप देवभूमि में रहते हैं या यहां आने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर सीधे आपकी जिंदगी से जुड़ी है।
CM ष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में हुई एक हाई-लेवल बैठक में जिस तरह के सख्त और साफ संदेश दिए हैं, उससे यह साफ हो गया है कि अब राज्य में “चलता है” वाला एटीट्यूड नहीं चलेगा।
सुरक्षा, पर्यटन और सुशासन को लेकर सरकार ने एक ऐसा फ्यूचर रोडमैप रखा है, जो आने वाले महीनों में उत्तराखंड की तस्वीर बदल सकता है।
आइए जानते हैं CM धामी के 5 कड़े फैसले, जिनका असर आप खुद महसूस करेंगे।
🚔 1. पुलिस का वर्क कल्चर बदलेगा: “आम आदमी ही वीआईपी है”
यह सबसे बड़ा और सीधा असर डालने वाला फैसला है।
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि अब—
- ❌ वर्दी का रौब नहीं चलेगा
- ✅ आम नागरिक के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार अनिवार्य होगा
क्या बदलेगा?
- ह्यूमन टच: निर्दोष लोगों को परेशान किया गया तो सख्त कार्रवाई
- जीरो टॉलरेंस: अपराधियों पर और कड़ा शिकंजा
- नाइट पेट्रोलिंग: रात की गश्त बढ़ेगी, सुरक्षा मजबूत होगी
👉 संदेश साफ है:
कानून सख्त होगा, लेकिन आम आदमी के लिए सिस्टम नरम।
🛣️ 2. दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे और टूरिज्म का नया दौर
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलते ही उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ने वाली है। सरकार इसे लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
सरकार की तैयारी:
- होटल, पार्किंग और ट्रैफिक प्लान अभी से अपग्रेड
- यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश
🕉️ बड़ी खुशखबरी: कैंची धाम बाईपास
बाबा नीम करोली महाराज के श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर—
- कैंची धाम बाईपास जून तक पूरा होगा
- जाम से मुक्ति, यात्रा होगी आसान
🚫 3. लैंड फ्रॉड पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
उत्तराखंड में जमीन की धोखाधड़ी अब आसान नहीं रहने वाली।
CM ने लैंड फ्रॉड पर सख्त कानून बनाने के निर्देश दिए हैं।
साफ ऐलान:
- दोषियों को कोई राहत नहीं
- सरकारी जमीन और नदी-नालों पर अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं
- SDM, लेखपाल और पटवारी की जवाबदेही तय होगी
👉 यानी अब जमीन माफियाओं की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
📉 4. ‘नशा मुक्त उत्तराखंड’ — अब जन आंदोलन
नशे के खिलाफ सरकार ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
- यह सिर्फ सरकारी अभियान नहीं रहेगा
- इसे जन आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा
- हर जिले की मासिक रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाएगी
- गृह सचिव और DGP नियमित समीक्षा करेंगे
👉 मतलब साफ है: अब सिर्फ बातें नहीं, नतीजे मांगे जाएंगे।
⚡ 5. डिजिटल गवर्नेंस और 1905 हेल्पलाइन पर फोकस
सरकार ने साफ कर दिया है कि डिजिटल सिस्टम अब सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होगा।
बड़े फैसले:
- 1905 हेल्पलाइन पर जीरो पेंडेंसी का लक्ष्य
- “योजनाएं कागजों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए”
- कोर्ट में केस कमजोर न पड़े, इसके लिए
अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट
5 बड़े फैसले: धामी सरकार ने उत्तराखंड रेल की तस्वीर बदली, विकास को मिली नई रफ्तार
नए उत्तराखंड की ओर
CM धामी के ये फैसले सिर्फ प्रशासनिक निर्देश नहीं हैं, बल्कि एक सुरक्षित, व्यवस्थित और भविष्य-तैयार उत्तराखंड का खाका हैं।
- 15 फरवरी से सड़कों के डामरीकरण का लक्ष्य
- चारधाम यात्रा की मजबूत तैयारी
- कानून, व्यवस्था और विकास—तीनों मोर्चों पर सख्ती
👉 यह नए उत्तराखंड की आहट है—
जो सुरक्षित भी है, स्मार्ट भी और जवाबदेह भी।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री धामी के ये फैसले सिर्फ आदेश नहीं, बल्कि सिस्टम को जवाबदेह बनाने की कोशिश हैं। अगर ये निर्देश ईमानदारी से लागू हुए, तो उत्तराखंड में सुरक्षा, प्रशासन और जनसेवा का चेहरा बदल सकता है। अब असली परीक्षा अमल की है, इरादों की नहीं।
❓ आपका सवाल
क्या ये फैसले जमीन पर भी उसी सख्ती से लागू होंगे, जैसी मंशा दिखाई दे रही है?
👇 अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.

