पश्चिमी यूपी बंद को व्यापारियों का समर्थन, हाई कोर्ट बेंच की मांग पर एकजुटता

अधिवक्ताओं की मांग को मिला संगठित व्यापार समर्थन

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन (रजि.) द्वारा अधिवक्ताओं की वर्षों पुरानी हाई कोर्ट बेंच की मांग के समर्थन में तुलसी पार्क में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 17 दिसंबर को प्रस्तावित पश्चिमी उत्तर प्रदेश बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की गई। व्यापार संगठन ने इसे न्यायिक सुगमता और क्षेत्रीय संतुलन की दिशा में आवश्यक कदम बताया।

सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)

व्यापार और अधिवक्ता समुदाय का पुराना रिश्ता

प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण गोपाल मित्तल और संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता और व्यापारी समुदाय का आपसी जुड़ाव ऐतिहासिक रहा है। जब किसी व्यापारी का मामला हाई कोर्ट तक पहुंचता है, तो उसे लंबी दूरी, समय और संसाधनों की भारी कीमत चुकानी पड़ती है। कई दिनों का कारोबार प्रभावित होता है, जिससे सीधा आर्थिक नुकसान होता है।


हाई कोर्ट बेंच से आमजन और व्यापार को राहत

प्रदेश मंत्री सरदार बलविंदर सिंह और जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच स्थापित होने से सबसे बड़ी राहत व्यापारी वर्ग और आम जनमानस को मिलेगी। न्याय तक पहुंच आसान होगी, समय और खर्च दोनों की बचत होगी। संगठन ने अधिवक्ताओं की मांग को पूरी मजबूती के साथ समर्थन देने की बात दोहराई।


बैठक में व्यापार संगठनों की व्यापक भागीदारी

बैठक में सर्राफा एसोसिएशन अध्यक्ष पवन वर्मा, जिला महामंत्री विशाल जैन, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष तरुण मित्तल, जिला युवा अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, युवा महामंत्री भूपेंद्र गोयल, अभिमन्यु मित्तल, राजेंद्र अरोरा, चंद्र मोहन, हनी, बृज कुंवर गर्ग, जयेंद्र प्रकाश, भारत भूषण, सुरेंद्र ठाकुर, किरण पाल, नवदीप, महेंद्र नाथ, संजीव संगम, मोहित नागपाल, पीयूष नारंग सहित गोल मार्केट, शिव मार्केट, रुड़की रोड और तहसील मार्केट के अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में आंदोलन को नैतिक और व्यावहारिक समर्थन देने की बात कही।

One thought on “पश्चिमी यूपी बंद को व्यापारियों का समर्थन, हाई कोर्ट बेंच की मांग पर एकजुटता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *