देहरादून 22 सितम्बर, 2025
उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट भाषण में उल्लिखित संतृप्तिकरण बिंदुओं की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों एवं प्रमुख पर्यटक स्थलों को हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने हेतु तेजी से कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने सभी स्तरों पर समय-सीमा निर्धारित कर निरंतर मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, उन्होंने लोक निर्माण विभाग को प्रदेश के असुरक्षित पुलों और आवागमन के लिए प्रयोग हो रही ट्रॉलियों का शीघ्र जीर्णोद्धार सुनिश्चित करने के लिए कहा। जहां-जहां ट्रॉलियां संचालित हो रही हैं, वहां स्थायी पुल तैयार करने की प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि यदि कहीं गैर सरकारी ट्रॉली संचालित हो रही हैं, तो उनका सेफ्टी ऑडिट कराकर उन्हें नियमानुसार संचालित कराया जाए।

मुख्य सचिव ने सड़कों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी सड़कों को क्रैश बैरियर से लैस किया जाए और इसके लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए विभागों को विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करनी होगी।
साथ ही, उन्होंने ई-ऑफिस के कार्यान्वयन पर भी जोर दिया। सभी विभागों और जनपद स्तरीय कार्यालयों को शीघ्र ई-ऑफिस में शिफ्ट किया जाए और शासन के साथ लिंकेज प्रक्रिया में तेजी लायी जाए। इस दिशा में आईटी विभाग को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में प्रदेश के सभी जनपदों में थीम बेस्ड विज्ञान एवं नवाचार केन्द्र स्थापित करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। रूद्रप्रयाग जिले में विज्ञान एवं नवाचार केन्द्र के लिए जिलाधिकारी से शीघ्र भूमि चिन्हित करने को कहा गया।
उन्होंने स्वरोजगार केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण पर भी बल दिया। प्रदेश के 13 रोजगार केन्द्रों को केन्द्रीयकृत स्वरोजगार केन्द्र में परिवर्तित किया जाएगा, जिसमें लाइब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए उद्योग विभाग एवं सेवायोजन विभाग को समन्वय बनाकर विस्तृत योजना प्रस्तुत करने को कहा गया।
शिक्षा क्षेत्र में मुख्य सचिव ने स्कूलों में फर्नीचर की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जनपद मुख्यालयों एवं 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में पुस्तकालयों की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया। इन पुस्तकालयों का संचालन दून लाइब्रेरी की तर्ज पर सोसाइटी मोड में किया जाएगा, जिससे संचालन एवं रखरखाव की समस्या का स्थायी समाधान हो।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव श्री सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, श्री सी. रविशंकर, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, श्रीमती रंजना राजगुरू, श्री हिमांशु खुराना और श्री गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव श्री मनमोहन मैनाली ने किया।