जैनोली पहुँचे मुख्यमंत्री, गाँव में ही सुनीं जनसमस्याएं

प्रशासन गाँव की ओर अभियान का ज़मीनी पड़ाव

अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत विकासखंड की न्याय पंचायत जैनोली में प्रशासन गाँव की ओर अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचे और पूरे कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह पहल शासन को सीधे ग्रामीण जीवन से जोड़ने की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।


मुख्यसेवक स्टाल पर बैठकर आमजन से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री ने शिविर में लगाए गए सभी विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया। इसके बाद वे मुख्यसेवक स्टाल पर बैठे और ग्रामीणों की समस्याएं सीधे सुनीं। प्राप्त शिकायतों पर एक-एक कर चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को त्वरित व समयबद्ध समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए गए।


सरकारी सेवाएं अब गांव के द्वार पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शिविरों का मूल उद्देश्य यही है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। अधिकारी स्वयं गांव में आकर जनता के कार्य करें। सभी विभागों की एक ही मंच पर उपस्थिति से सेवाओं की पहुंच, पारदर्शिता और भरोसा तीनों मजबूत होते हैं।


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जर्जर स्कूल भवन के जीर्णोद्धार की घोषणा

शिविर के दौरान पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज जैनोली के जर्जर भवन को लेकर शिकायत सामने आई। इस पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय भवन के जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण देना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


शासन–जनता के बीच भरोसे की कड़ी

मुख्यमंत्री के अनुसार प्रशासन गाँव की ओर अभियान शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को मजबूत कर रहा है। इससे जनसमस्याओं का समाधान मौके पर, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से हो रहा है, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।


जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। शिविर में लोगों की भागीदारी ने इस अभियान की उपयोगिता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।

 

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