उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने एक बार फिर विकास योजनाओं को लेकर बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami द्वारा राज्य के अलग-अलग विभागों, शहरी और ग्रामीण निकायों, शिक्षा व्यवस्था, पर्यटन क्षेत्र और कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के लिए कुल ₹1096 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। इस फैसले को केवल एक बजटीय मंजूरी के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे आगामी वर्षों के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल, स्थानीय निकाय सशक्तिकरण और धार्मिक पर्यटन रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पैकेज में गांव से लेकर शहर तक और शिक्षा से लेकर धार्मिक आस्था तक लगभग हर सेक्टर को शामिल किया गया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी वित्तीय स्वीकृतियों में सड़क, पुल, पार्किंग, पंचायत फंड, नगर निकाय, स्कूल वेतन और हरिद्वार कुम्भ की तैयारियां प्रमुख केंद्र में हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे धामी सरकार का “ग्राउंड डिलीवरी मॉडल” माना जा रहा है, जहां केवल घोषणाओं के बजाय सीधी फंड रिलीज़ पर जोर दिया जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब उत्तराखंड में आगामी निकाय और विकास आधारित राजनीतिक विमर्श तेज हो रहा है, तब इतनी बड़ी वित्तीय मंजूरी को सरकार की रणनीतिक तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।
कालाढूंगी और मुक्तेश्वर को बड़ी सौगात, पुल और पार्किंग परियोजनाओं को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अंतर्गत जनपद Nainital के विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी में कोटाबाग के पतलिया स्थित गुरूणी नाले पर पुल निर्माण के लिए ₹9.43 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा इस क्षेत्र में बेहतर संपर्क मार्ग और सुरक्षित आवाजाही की मांग उठाई जा रही थी। बरसात के मौसम में गुरूणी नाले का जलस्तर बढ़ने से आवागमन प्रभावित होता था, जिससे ग्रामीणों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ता था। अब इस पुल निर्माण से क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके साथ ही विकासखंड रामगढ़ के मोहन बाजार मुक्तेश्वर क्षेत्र में कार पार्किंग निर्माण कार्य हेतु ₹9.89 करोड़ की मंजूरी दी गई है। सरकार ने प्रथम किश्त के रूप में ₹3.95 करोड़ जारी करने का अनुमोदन भी प्रदान कर दिया है। मुक्तेश्वर और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए पार्किंग एक बड़ी समस्या बनती जा रही थी। पर्यटन सीजन में जाम और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण स्थानीय व्यापार और यात्रियों दोनों को परेशानी होती थी। इस परियोजना को पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शहरी निकायों और पंचायतों को मिला बड़ा वित्तीय पैकेज
धामी सरकार ने छठवें राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम त्रैमासिक किश्त के रूप में ₹328.27 करोड़ जारी करने का अनुमोदन दिया है। इसके अलावा तीन गैर निर्वाचित निकायों को अप्रैल से सितंबर अवधि के लिए ₹3 करोड़ की राशि भी स्वीकृत की गई है। कुल मिलाकर ₹331.27 करोड़ की राशि शहरी निकायों को प्रदान की गई है।
राजनीतिक दृष्टि से यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि निकायों को मिलने वाला यह फंड सीधे तौर पर सड़क, सफाई, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, स्थानीय विकास और शहरी सेवाओं को प्रभावित करेगा। पिछले कुछ समय से कई निकाय वित्तीय दबाव की स्थिति में थे, जिसके कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। अब इस फंड रिलीज़ के बाद स्थानीय स्तर पर विकास परियोजनाओं में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
इसी क्रम में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के लिए भी बड़ा वित्तीय पैकेज स्वीकृत किया गया है। जिला पंचायतों को प्रथम त्रैमासिक किश्त के रूप में ₹82.20 करोड़, क्षेत्र पंचायतों को प्रथम छमाही किश्त के लिए ₹75.46 करोड़ और ग्राम पंचायतों को ₹194.61 करोड़ जारी किए जाएंगे। कुल मिलाकर पंचायत व्यवस्था के लिए ₹352.27 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
ग्रामीण उत्तराखंड में पंचायतों को विकास की रीढ़ माना जाता है। गांवों में सड़क, पानी, नाली, सामुदायिक भवन, स्थानीय रोजगार और छोटे स्तर की आधारभूत सुविधाओं का अधिकांश काम पंचायत फंड से ही संचालित होता है। ऐसे में यह फंड ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास योजनाओं को गति देने वाला माना जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला, स्कूल कर्मचारियों के वेतन के लिए करोड़ों जारी
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रारंभिक शिक्षा के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के कर्मचारियों के वेतन भुगतान हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित ₹160 करोड़ में से प्रथम किश्त के रूप में ₹80 करोड़ जारी करने का अनुमोदन दिया गया है।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत अप्रैल से सितंबर 2026 की अवधि के लिए निर्धारित बजट का 50 प्रतिशत यानी ₹300 करोड़ जारी करने की मंजूरी प्रदान की गई है। शिक्षा विभाग में समय पर वेतन भुगतान लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा बना रहता है, विशेषकर सहायता प्राप्त विद्यालयों में। ऐसे में सरकार द्वारा अग्रिम वित्तीय स्वीकृति दिए जाने से शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा क्षेत्र में समय पर बजट रिलीज़ केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि मानव संसाधन स्थिरता से भी जुड़ा होता है। जब शिक्षकों को समय पर वेतन मिलता है तो इसका सीधा प्रभाव शिक्षण व्यवस्था और स्कूलों के संचालन पर पड़ता है।
कुम्भ मेला-2027 की तैयारी तेज, हरिद्वार में बड़े स्तर पर होंगे स्थायी विकास कार्य
धामी सरकार ने कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर भी बड़े फैसले किए हैं। शहरी विकास विभाग के अंतर्गत हरिद्वार में स्थायी प्रकृति के कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार ने शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चन्द्राचार्य चौक और आर्यनगर चौक के आंतरिक मार्गों के नवीनीकरण तथा बैरियर से गुगाल मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग के बीसी नवीनीकरण कार्य हेतु ₹6.44 करोड़ स्वीकृत किए हैं।
इसके अलावा रानीपुर मोड़, शंकर आश्रम, शिव मूर्ति चौक और झंडा चौक के जंक्शन सुधार एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु ₹6.83 करोड़ की मंजूरी दी गई है। वहीं कुम्भ मेला क्षेत्र में व्यापक सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीजल संचालित सेल्फ प्रोपेल्ड वैक्यूम आधारित ईवी रोड स्वीपिंग मशीनों की आपूर्ति और कमीशनिंग हेतु ₹5.95 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
धार्मिक पर्यटन के लिहाज से कुम्भ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान का बड़ा केंद्र भी है। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सरकार इस बार स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर काम करती दिखाई दे रही है ताकि भविष्य में भी इन परियोजनाओं का लाभ मिलता रहे।
क्या संकेत दे रही है धामी सरकार की यह बड़ी वित्तीय रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार धामी सरकार इस समय “विकास + डिलीवरी” मॉडल पर फोकस करती दिखाई दे रही है। एक ओर धार्मिक पर्यटन और कुम्भ जैसे बड़े आयोजनों की तैयारी हो रही है, वहीं दूसरी ओर पंचायतों, निकायों और शिक्षा व्यवस्था में सीधे फंड फ्लो सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि विकास योजनाओं को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि जमीनी स्तर तक धनराशि पहुंचाई जाएगी।
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यह भी महत्वपूर्ण है कि जिन क्षेत्रों में फंड जारी किया गया है, वे सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हुए हैं। पुल, सड़क, सफाई, पार्किंग, पंचायत फंड और शिक्षकों का वेतन जैसे मुद्दे आम जनता के दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं। ऐसे में यह वित्तीय पैकेज आगामी समय में धामी सरकार के प्रशासनिक प्रदर्शन का बड़ा आधार बन सकता है।
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