2027 की तैयारी में जुटी बीजेपी, देवभूमि से दिया ‘भगवा राष्ट्रवाद’ का बड़ा संदेश

देहरादून में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अहम संगठनात्मक बैठकों के बीच 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश सामने आया है। भाजपा नेतृत्व ने साफ संकेत दिया है कि उत्तराखंड सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की प्रयोगशाला है और यहां से “भगवा राष्ट्रवाद” को पूरे देश में मजबूत करने का लक्ष्य तय किया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि उत्तराखंड में मौजूदा सरकार केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि सांस्कृतिक राष्ट्रवादी विचारधारा की सरकार है, जिसे दोबारा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लाना संगठन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

देहरादून में आयोजित प्रदेश पदाधिकारी बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रिय होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चुनाव भले 2027 में होने हैं, लेकिन राजनीतिक तैयारी के लिहाज से समय बेहद कम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब संगठन को हर बूथ और शक्ति केंद्र तक नई ऊर्जा के साथ पहुंचाना होगा। भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि आने वाले 20 वर्षों तक संगठन को मजबूत आधार देना है ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का सपना साकार किया जा सके।

“देवभूमि से हमेशा जाता है भगवा संदेश”

भगवा राष्ट्रवाद

बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तराखंड की वैचारिक भूमिका को विशेष महत्व देते हुए कहा कि देवभूमि से हमेशा भगवा राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देश-दुनिया तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा केवल राजनीतिक सत्ता तक सीमित नहीं है बल्कि यह राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान है। यही कारण है कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार की वापसी केवल राजनीतिक जरूरत नहीं बल्कि वैचारिक आवश्यकता भी है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की पिछली पीढ़ियों ने लंबे संघर्ष और समर्पण से पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाया है। अब वर्तमान कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे आने वाली पीढ़ियों के लिए संगठन को और मजबूत तथा स्वर्णिम बनाएं। उन्होंने बूथ समितियों को पार्टी की असली ताकत बताते हुए कहा कि चुनावी जीत का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है।

बीएल संतोष ने दिया ‘बारहमासी बूथ एक्टिवेशन’ का मंत्र

बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने भी संगठनात्मक मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बूथ गठन को केवल चुनावी औपचारिकता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि इसे पूरे साल सक्रिय रखना होगा। भाजपा कार्यकर्ताओं को आम जनता तक सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां पहुंचानी होंगी ताकि विकसित भारत के मिशन में समाज की भागीदारी बढ़ सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि पार्टी कार्यक्रमों, विशेषकर “मन की बात” और बूथ समिति बैठकों की गति को और तेज किया जाए। संगठन की प्रत्येक इकाई को जमीन पर सक्रिय रहकर जनता के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को लंबे समय तक मजबूत रहना है तो संगठनात्मक ढांचे को हर गांव और वार्ड तक प्रभावी बनाना होगा।

मुख्यमंत्री धामी बोले- “गंगोत्री से गंगासागर तक लहरा रहा भगवा”

भगवा राष्ट्रवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में आज भगवा विचारधारा गंगोत्री से गंगासागर तक मजबूती से स्थापित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड आज विकास के कई मानकों पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से कम हुई है और रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), भू-कानून और कथित जिहाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को भाजपा सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। धामी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नकारात्मक राजनीति और झूठ ज्यादा समय तक टिक नहीं सकते, इसलिए भाजपा को केवल अपने विकास कार्यों और विचारधारा को मजबूती से जनता तक पहुंचाना है।

“बीजेपी सिर्फ दल नहीं, राष्ट्र निर्माण का संकल्प”

भगवा राष्ट्रवाद

प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां भाजपा की सबसे बड़ी ताकत हैं और अब उन्हें बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता है।

उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता 2027 में तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को पूरा करेगा। बैठक में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, तरुण बंसल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

19 जनवरी 2026: डॉ. के. लक्ष्मण का बड़ा ऐलान, नितिन नवीन के हाथों में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी BJP की कमान

निकाय प्रतिनिधियों के साथ भी हुई रणनीतिक बैठक

प्रदेश पदाधिकारी बैठक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने महापौरों, जिला पंचायत अध्यक्षों, नगर पालिका अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के साथ अलग बैठक कर संगठनात्मक और प्रशासनिक समन्वय पर चर्चा की। इस दौरान स्थानीय निकायों के जरिए सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो भाजपा अब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह मिशन मोड में उतर चुकी है। संगठनात्मक बैठकों में जिस तरह बूथ प्रबंधन, वैचारिक राष्ट्रवाद और विकास एजेंडे पर जोर दिया गया, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी आने वाले चुनाव को केवल सत्ता की लड़ाई नहीं बल्कि वैचारिक मुकाबले के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है।

#BreakingNews #Uttarakhand #Dehradun #PushkarDhami #BJP #NitinNabin #MahendraBhatt #BLSantosh #UttarakhandPolitics #BJP2027 #Devbhoomi #PMModi #DoubleEngineGovernment #PoliticalNews #BharatiyaJanataParty

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *