नई दिल्ली।
उत्तर भारत में ठंड से राहत की उम्मीद कर रहे लोगों के लिए मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताज़ा weather alert के अनुसार, अगले कुछ दिन उत्तर-पश्चिम भारत के लिए आसान नहीं रहने वाले। भले ही राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक व्यापक शीतलहर की संभावना नहीं है, लेकिन घना कोहरा, बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अचानक नहीं, बल्कि लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभों का परिणाम है, जिसका असर मैदानी इलाकों से लेकर हिमालयी क्षेत्रों तक देखने को मिलेगा।
उत्तर भारत में कोहरे का अलर्ट, दृश्यता होगी बेहद कम
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले 4 से 5 दिनों तक घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की प्रबल संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोहरा केवल सामान्य शीतकालीन कोहरा नहीं है, बल्कि लंबे समय तक टिकने वाला हो सकता है। ऐसे में सड़क, रेल और हवाई यातायात पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। खासतौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
दो पश्चिमी विक्षोभ से बिगड़ेगा मौसम का मिज़ाज
IMD ने अपने weather alert में बताया है कि मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ 18 जनवरी तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करता रहेगा। इसके बाद मौसम को और सक्रिय बनाने वाले दो नए पश्चिमी विक्षोभ तेजी से दस्तक देंगे—
- पहला पश्चिमी विक्षोभ: 19 जनवरी 2026
- दूसरा पश्चिमी विक्षोभ: 21 जनवरी 2026
इनके असर से उत्तर-पश्चिम भारत में बादल, बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। खासकर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम अचानक खराब हो सकता है।
न्यूनतम तापमान में क्या होगा बदलाव?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक—
- उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान लगभग 2°C तक बढ़ सकता है।
- इसके बाद तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद 3–5°C तक की बढ़ोतरी संभव है।
- पूर्वी भारत में अगले 24 घंटे तापमान स्थिर रहेगा, फिर अगले चार दिनों में 2–3°C की वृद्धि हो सकती है।
- देश के बाकी हिस्सों में फिलहाल न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा।
यह स्थिति बताती है कि ठंड भले ही थोड़ी कम महसूस हो, लेकिन कोहरा और नमी मौसम को और असहज बना सकती है।
घने कोहरे को लेकर विस्तृत चेतावनी

IMD के अनुसार—
- पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 18 जनवरी तक घना से बहुत घना कोहरा, जबकि 22 जनवरी तक कुछ इलाकों में कोहरा बना रह सकता है।
- उत्तर प्रदेश में 19 जनवरी तक घना कोहरा और 20 जनवरी तक अलग-अलग स्थानों पर कोहरे की स्थिति।
- उत्तराखंड और जम्मू संभाग में 19 जनवरी तक सुबह और रात के समय कोहरा।
- बिहार में 21 जनवरी तक कोहरे का प्रभाव।
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में भी कोहरे की संभावना जताई गई है।
शीत दिवस और ठंडी हवाओं का असर
हालांकि मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले एक सप्ताह तक उत्तर-पश्चिम भारत में शीतलहर की स्थिति नहीं बनेगी, लेकिन—
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 17 जनवरी को शीत दिवस की संभावना है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 और 18 जनवरी को ठंड अधिक महसूस की जा सकती है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में 17–18 जनवरी को ठंडी हवाओं का असर रहेगा।
बारिश और बर्फबारी से बढ़ेगी मुश्किल
IMD के weather alert में बारिश और बर्फबारी को लेकर भी साफ चेतावनी दी गई है—
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 17 से 22 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी।
- 23 जनवरी को इन क्षेत्रों में व्यापक बारिश और भारी बर्फबारी की संभावना।
- उत्तराखंड में 17–18 जनवरी और फिर 21–23 जनवरी के बीच बारिश।
- पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में 22–23 जनवरी को बारिश के आसार।
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में—
- सुबह और देर रात यात्रा से बचें
- वाहन चलाते समय फॉग लाइट और लो-बीम का इस्तेमाल करें
- पहाड़ी इलाकों की यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें
- बुजुर्गों और बच्चों को ठंड व नमी से बचाएं
उत्तर भारत में यह मौसम केवल असुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का विषय भी बन सकता है।
Amitendra Sharma is a digital news editor and media professional with a strong focus on credible journalism, public-interest reporting, and real-time news coverage. He actively works on delivering accurate, fact-checked, and reader-centric news related to Uttarakhand, governance, weather updates, and socio-political developments.