रणवीर अल्लाहबादिया की माफी: पश्चाताप या गिरफ्तारी से बचने का नया फॉर्मूला?

सोशल मीडिया पर अपने ‘ज्ञानवर्धक’ कंटेंट के लिए मशहूर रणवीर अल्लाहबादिया उर्फ ‘बीयर बाइसेप्स’ ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर माफी मांगी है। कारण? कॉमेडियन समय रैना के शो इंडियाज गॉट लैटेंट में उनकी एक अभद्र टिप्पणी, जिसने न सिर्फ दर्शकों को चौंकाया, बल्कि शिकायतों का ऐसा अंबार खड़ा कर दिया कि गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी।

अब रणवीर अपनी माफी में कह रहे हैं— “मुझे समझ में आ गया कि मेरी बात न केवल अनुचित थी, बल्कि यह मज़ेदार भी नहीं थी।” लेकिन सवाल यह है कि यह अचानक आया आत्मबोध है या फिर पुलिस केस से बचने का रणनीतिक U-turn?

रणवीर ने अपने वीडियो में स्वीकार किया कि कॉमेडी उनकी ताकत नहीं है— यह बात तो उनकी विवादास्पद टिप्पणी से पहले भी स्पष्ट थी। लेकिन जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो यह आत्म-ज्ञान तेजी से जाग गया। आखिर, यह वही रणवीर हैं, जो “जागरूकता फैलाने” के नाम पर तमाम विषयों पर अपनी राय देते हैं, मगर इस बार मामला सीधे कानून की चौखट तक पहुंचता दिखा, तो अचानक आत्म-विश्लेषण की लहर आ गई।

यह पहली बार नहीं है जब किसी डिजिटल प्रभावशाली हस्ती ने विवादित बयान के बाद “सॉरी कार्ड” खेला हो। हाल के वर्षों में ऐसे अनगिनत उदाहरण हैं, जहां प्रभावशाली लोग कानूनी शिकंजे से बचने के लिए जनता के सामने आत्म-ग्लानि का नाटक करते हैं। सवाल यह है कि क्या यह माफी वास्तव में पश्चाताप का प्रतीक है, या फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए ‘माफी-ड्रामा’ का नया एपिसोड?

रणवीर जैसे प्रभावशाली लोगों के पास सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोगों तक पहुंचने की ताकत होती है। ऐसे में यह उनकी ज़िम्मेदारी बनती है कि वे अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। लेकिन जब विवाद बढ़ता है, तो ‘सोशल मीडिया माफी’ का एक नया पैटर्न देखने को मिलता है— पहले कुछ भी बोल दो, और जब मामला बिगड़ने लगे तो वीडियो बनाकर कह दो, “मुझे समझ आ गया, माफ करिए।”

अब देखना यह होगा कि जनता इस ‘रणवीरी पश्चाताप’ को स्वीकार करती है या इसे गिरफ्तारी बचाव अभियान का हिस्सा मानकर खारिज कर देती है।

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