दिल्ली की नौकरशाही में एक और बड़ा फेरबदल अब बस औपचारिकता भर रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुप्रतीक्षित विदेशी दौरे से लौटते ही वित्त मंत्रालय के उच्च पदों पर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों की मानें तो नए वित्त सचिव (Finance Secretary) की नियुक्ति अब एक-दो हफ्तों के भीतर संभव है। और इस दौड़ में दो प्रमुख नाम सत्ता के गलियारों में गूंज रहे हैं — नागरजु मड्डिराला (IAS, 1989, Telangana) और के. मोसेस चालई (IAS, 1990, Manipur)।
वित्त मंत्रालय में ऊँचे पद पर बड़ी खींचतान
वर्तमान में वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services – DFS) के सचिव नागरजु मड्डिराला, जिनका अनुभव स्वास्थ्य, पर्यावरण और अब वित्तीय संस्थानों के प्रशासन में गहरा है, आगे निकलते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises – DPE) के सचिव के मोसेस चालई, जो पूर्वोत्तर कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं और पूर्व में राज्यपाल के सचिव भी रह चुके हैं, केंद्र सरकार के PSU पॉलिसी रिफॉर्म्स में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
कौन बैठेगा वित्त सचिव की कुर्सी पर?
संकेत मिल रहे हैं कि सरकार दोनों अधिकारियों के प्रोफ़ाइल को गंभीरता से परख रही है। एक ओर DFS सचिव का ओहदा आमतौर पर वित्त सचिव के लिए स्वाभाविक कदम माना जाता है, वहीं चालई के पक्ष में उनका साफ-सुथरा ट्रैक रिकॉर्ड और PSU सेक्टर में उनका योगदान है।
पीएमओ की भूमिका अहम
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फाइलें लगभग तैयार हैं और अंतिम सहमति केवल पीएम की मंजूरी पर निर्भर है। पीएम के लौटते ही सचिव स्तर पर कुछ अहम नियुक्तियों को लेकर कैबिनेट सचिवालय में हलचल देखी जा रही है।
सत्ता समीकरण और बैलेंसिंग एक्ट
मोदी सरकार अब हर नियुक्ति को केवल वरिष्ठता पर नहीं, बल्कि “परफॉर्मेंस और पॉलिटिकल फिट” के आधार पर तय कर रही है। वित्त मंत्रालय जैसे संवेदनशील मंत्रालय में अगले सचिव की भूमिका खास होगी — विशेषकर जब भारत वैश्विक मंचों पर आर्थिक नेतृत्व का दावा कर रहा है, और देश के भीतर PSU सेक्टर से लेकर बैंकों के पुनर्गठन तक बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
अब निगाहें केवल एक आदेश पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि क्या नागरजु मड्डिराला सीधे DFS से वित्त सचिव बनेंगे, या के. मोसेस चालई जैसे शांत लेकिन प्रभावशाली अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाएगी।
सत्ता के गलियारों से खबर है, लेकिन मुहर PM लगाएंगे… और वो पल अब दूर नहीं।