उत्तराखंड के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए राज्य के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक (अतिथि) शिक्षकों की अनधिकृत अनुपस्थिति पर चिंता जताई है। निदेशक, माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कई विद्यालयों से यह शिकायतें मिल रही हैं कि कार्यरत अतिथि शिक्षक बिना पूर्व स्वीकृति के विद्यालयों से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे पठन-पाठन कार्य प्रभावित हो रहा है।
इस पत्र में शासनादेश संख्या-1023/XXIV-माशि/18-32(01)/2013 दिनांक 22 नवम्बर 2018 का हवाला देते हुए कहा गया है कि अतिथि शिक्षकों को अधिकतम एक दिन का आकस्मिक अवकाश दिए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार का अवकाश केवल विद्यालय छोड़ने के रूप में ही स्वीकृत होगा। यानी यदि कोई शिक्षक अन्य कारणों से अवकाश लेना चाहता है तो उसे कार्यमुक्त होकर ही जाना होगा।
शासनादेश के अनुपालन में निदेशक ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जनपदों के अंतर्गत संचालित राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाए।
शिक्षा विभाग के इस कड़े रुख को राज्य में शैक्षणिक अनुशासन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। इससे विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन में सुधार आने की संभावना जताई जा रही है।