रविवार शाम 7:53 बजे (स्थानीय समय) पश्चिमी तुर्की में 6.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र सी ऑफ मारमारा में इस्तांबुल से लगभग 40 किमी दक्षिण-पश्चिम में था। भूकंप की गहराई सिर्फ 10 किमी थी, जिससे झटके बेहद तेज महसूस हुए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज़ (GFZ) ने इस भूकंप की पुष्टि की।
इस्तांबुल, टेकिरदाग, यलोवा से लेकर 550 किमी दूर इज़मिर तक धरती कांप उठी। 16 मिलियन आबादी वाले इस्तांबुल में ऊंची-ऊंची इमारतें 10–15 सेकंड तक हिलती रहीं। लोग अपने घरों और दफ्तरों से घबराकर सड़क पर भागे, सोशल मीडिया पर डर और अफरातफरी की तस्वीरें और वीडियो छा गए।
तुर्की की आपदा एवं आपात प्रबंधन एजेंसी (AFAD) ने बताया कि अब तक किसी बड़े नुकसान या मौत की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि एक व्यक्ति बालकनी से कूदकर घायल हो गया। आपात टीमों ने तुरंत इलाके में सर्वे शुरू कर दिया है और लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी क्षतिग्रस्त इमारत में न जाएं।
भूकंप के झटके ग्रीस के लेसबोस द्वीप तक महसूस किए गए। इसके बाद 5.3 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी आया, जिससे डर और बढ़ गया। फिलहाल सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस्तांबुल एक हाई सीस्मिक जोन में है और भविष्य में 7.0 या उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आ सकता है। फरवरी 2023 का 7.8 तीव्रता का भूकंप, जिसमें 53,000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी, अब भी लोगों की यादों में ताजा है।
इस्तांबुल के मेयर ने कहा कि “कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ”, लेकिन अस्पतालों में डर और चिंता के कारण पहुंचे मरीजों की संख्या बढ़ गई। कई निवासियों ने सरकार पर आपदा प्रबंधन की जगह निर्माण परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
तुर्की के गृहमंत्री अली येरलिकाया ने सोशल मीडिया पर लिखा—“हम अपने नागरिकों के साथ हैं और हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं। सभी को सतर्क रहना चाहिए, आफ्टरशॉक्स अभी खत्म नहीं हुए हैं।”