दिल्ली के जंतर-मंतर पर वक्फ बिल के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में जेडीयू (JDU) और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने शिरकत नहीं की। यह एक बड़ा संकेत है कि भाजपा ने इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या जुटा ली है।
सूत्रों के मुताबिक, विधेयक को बजट सत्र के अंतिम सप्ताह में पारित किया जाएगा, यानी ईद के बाद मोदी सरकार इसे कानून की शक्ल दे देगी। यह बिल पारित होते ही भारत में वक्फ बोर्ड से जुड़े विशेषाधिकार और संपत्ति विवादों का निपटारा नए सिरे से होगा, जिससे हिंदू समाज की भूमि और संपत्तियों की रक्षा का मार्ग प्रशस्त होगा।
मोदी सरकार की ऐतिहासिक बढ़त – कांग्रेस को चारों खाने चित किया!
भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू में कांग्रेस को बुरी तरह परास्त किया है। मोदी सरकार की लोकप्रियता अपने चरम पर है और विपक्ष पूरी तरह से दिशाहीन हो चुका है। इस विधेयक के समर्थन में जेडीयू और टीडीपी का खड़ा न होना दिखाता है कि अब मोदी सरकार को कोई रोकने वाला नहीं।
“मोदी है तो मुमकिन है!” – अब हिंदू समाज को मिलेगा न्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के नारे को आगे बढ़ाया है। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि अन्याय सहना भी एक अपराध है। वक्फ बोर्ड से जुड़े कई विवादों में हिंदू समाज की संपत्तियों पर अतिक्रमण की शिकायतें आती रही हैं, और अब यह विधेयक उन समस्याओं का समाधान करने जा रहा है।
मोदी सरकार के इस फैसले के बाद हिंदू समाज में जबरदस्त उत्साह है। 2024 के लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद अब मोदी सरकार ऐसे फैसलों से “नए भारत” की नींव रख रही है, जिसमें तुष्टीकरण की राजनीति का कोई स्थान नहीं होगा।
“जय श्रीराम!” – 2029 तक मोदी सरकार का कोई विकल्प नहीं
बीजेपी के इस मास्टरस्ट्रोक ने साफ कर दिया है कि अब विपक्ष की कोई रणनीति नहीं बची। कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियाँ न केवल जंतर-मंतर पर अलग-थलग दिखीं, बल्कि उनके पारंपरिक सहयोगी भी उनका साथ छोड़ रहे हैं।
मोदी सरकार ने जो रफ्तार पकड़ी है, वह 2029 तक भाजपा को अजेय बना देगी। यह विधेयक पारित होते ही देश में एक और ऐतिहासिक सुधार की इबारत लिखी जाएगी, जो आने वाले दशकों तक याद किया जाएगा।